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Sab Honge Yaha Magar Hum Na Honge

Oct 13, 2012


 Bewafa Shayari
Sab Honge Yaha Magar Hum Na Honge,
Humare Na Hone Se Log Kam Na Honge,
Aise To Bahut Milenge Pyar Karne Wale,
Hum Jaise Bhi Milenge Magar Wo Hum Na Honge…

2 comments

  1. तुझे देखा था मैंने एक ढ़लतीहसीन शाम को,
    उसी शाम से तुझे पाने की 'कोशिश' बहुत की मैंने।
    मेरी 'कोशिशों ' ने रंग दिखाया,
    मुझे खुदा ने तुझसे मिलवाया।।
    मैंने सुना है प्यार में बिछड़ने की रात भी आती है,
    तुम मुझसे दूर हुई ऐसी भी एक रात आई ।
    कुछ तेरी बातें थी, कुछ मेरी बातें थी,
    ज़िन्दगी में उस वक़्त केवल तेरी यादें थी ।।
    कभी शायरी लिखता और कभी गजलसुनता,
    उन्ही यादों को 'सोचते' हुए ज़िन्दगी तबाह हो रही थी ।
    कभी रातें बेचैन करती, कभी डूबता सूरज रुलाता,
    मेरी आंखे नम हो रही थी और ज़िन्दगी तबाह हो रही थी ।।
    फिर एक 'फैसला' लिया 'सोच-समझ' कर,
    उसी 'फैसले' ने ज़िन्दगी बदल दी ।
    'फैसला' था तेरी यादें जला देने का,
    'फैसला' था एक नयी ज़िन्दगी शुरू करने का ।।

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  2. thanks tantod Paresh for your comment

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